श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दूसरे दिन गुरुवार को घरों व मंदिरों में नंदोत्सव मनाया गया। उत्सव में श्रद्धालुओं ने नंद के घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की.. भजनों के बीच श्रीकृष्ण को पालने में झुलाकर दही का भोग लगाया। महिलाओं ने सिर पर दही हांडी रखकर कीर्तन किए। लोगों ने नंद बाबा के द्वार, जन्मे कान्हा सरकार, यही है तारणहार, लगेगी अब सबकी नैया पार...भजन गाए।
साहू समाज के लक्ष्मीनारायण कर्मादेवी मंदिर में नंदोत्सव पर दही हांडी फोड़ने का प्रतीकात्मक आयोजन किया गया। समाज के अनिल साहू ने बताया कि इसके पूर्व श्रीकृष्ण को पालने में झुलाया और दहीं-माखन को भोग लगाया गया।
श्रीजी मंदिर लखेरापुरा में भगवान को महिलाओं ने पालने में झुलाया। सिर पर दही हांडी रखकर भजन गाए और प्रसाद वितरित किया। एक महिला यशोदा मां बनी तो शेष महिलाएं ग्वालन बनकर नृत्य करती रहीं।
अपना घर कोलार में बुजुर्गों ने श्रीकृष्ण की पूजा कर उनके लीला प्रसंगों का मंचन किया। इस मौके पर 85 वर्षीय किशन बत्रा ने श्रीकृष्ण व 75 वर्षीय अंजलि देवी ने राधा बनकर गीत गए।
ब्रह्माकुमारी संस्थान के रोहितनगर केंद्र में प्रभारी बीके रीना के निर्देशन में जन्माष्टमी व नंदोत्सव बनाया।
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